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एथेरियम डेवलपर्स ने कॉन्ट्रैक्ट जोखिमों के चलते Glamsterdam में गैस की कीमतों में बदलाव को चुनौती दी

आज, 14:12
एथेरियम डेवलपर्स ने कॉन्ट्रैक्ट जोखिमों के चलते Glamsterdam में गैस की कीमतों में बदलाव को चुनौती दी

मुख्य बिंदु

  • EIP-8037 से नई स्टेट बनाने की गैस लागत बढ़ जाएगी। डेवलपर्स का कहना है कि तय गैस मान्यताओं वाले कुछ कॉन्ट्रैक्ट इससे काम करना बंद कर सकते हैं।
  • एक डेवलपर ने संभावित रूप से प्रभावित 200,000 कॉन्ट्रैक्टों की सूची का हवाला दिया और तर्क दिया कि इसके तरीकों से कुछ अतिरिक्त मामले छूट सकते हैं।
  • Glamsterdam के मेननेट पर आगे बढ़ने से पहले कोर डेवलपर्स से अधिक डेटा और समीक्षा की मांग की जा रही है।

Glamsterdam के गैस प्रस्ताव को चुनौती क्यों दी जा रही है

एथेरियम के प्रस्तावित Glamsterdam अपग्रेड को मौजूदा स्वरूप में रोकने की मांग डेवलपर्स कर रहे हैं। तात्कालिक विवाद EIP-8037 को लेकर है—यह नई स्टेट बनाने, जिसमें स्टोरेज एंट्री और नए कॉन्ट्रैक्ट शामिल हैं, की गैस लागत बढ़ाने का प्रस्ताव है। आलोचकों का तर्क है कि यह बदलाव भविष्य में तैनात होने वाले कॉन्ट्रैक्टों के साथ-साथ मौजूदा ऐप्लिकेशनों को भी प्रभावित कर सकता है। इससे पहले से तैनात कोड के साथ प्रस्ताव की अनुकूलता अपग्रेड की रूपरेखा और समीक्षा का प्रमुख मुद्दा बन जाती है।

तकनीकी चिंता यह है कि कुछ कॉन्ट्रैक्ट खास कार्रवाइयों के लिए गैस की एक निश्चित मात्रा तय करते हैं या लेन-देन के दौरान बची हुई गैस की जांच करते हैं। अगर EIP-8037 के तहत संबंधित कार्रवाइयां महंगी हो जाती हैं, तो उन कॉल को पूरा करने के लिए पर्याप्त गैस नहीं बचेगी। इसका अर्थ यह नहीं है कि हर कॉन्ट्रैक्ट काम करना बंद कर देगा; यह चेतावनी है कि गैस लागत से जुड़ी मान्यताओं पर निर्भर कोड बदलाव के बाद अलग तरह से काम कर सकता है।

प्रभावित ऐप्लिकेशनों के लिए इसके नतीजों को पलटना असामान्य रूप से कठिन हो सकता है। तैनात स्मार्ट कॉन्ट्रैक्ट अपरिवर्तनीय होते हैं, इसलिए डेवलपर अधिक लागत के अनुरूप मूल कोड में आसानी से बदलाव नहीं कर सकते। आलोचकों ने चेतावनी दी है कि विफल कॉल के कारण कुछ कॉन्ट्रैक्ट में रखे फंड तक पहुंच नहीं रह सकती। स्रोत यह तय नहीं करता कि आखिरकार कौन-से उपयोगकर्ता या कॉन्ट्रैक्ट प्रभावित होंगे, या ऐसा कोई समाधान विकसित किया जा सकता है या नहीं जो अपग्रेड या उसके सक्रिय होने की प्रक्रिया में बदलाव किए बिना समस्या सुलझा सके।

प्रभाव और साक्ष्यों को लेकर मतभेद

एक प्रमुख DeFi डेवलपर ने ethereum/repricing-impact रिपॉज़िटरी की एक सूची की ओर इशारा किया। उनके अनुसार, उसमें पहले से ही प्रभावित 200,000 कॉन्ट्रैक्ट शामिल थे। उन्होंने यह भी तर्क दिया कि पद्धति की कमज़ोरियों के कारण सूची में अन्य मामले छूट सकते हैं। इसलिए यह आंकड़ा एक डेवलपर के आकलन के हिस्से के रूप में पेश किया गया है, न कि उन कॉन्ट्रैक्ट की पुष्ट कुल संख्या के रूप में जो काम करना बंद कर देंगे। विश्लेषण का दायरा और उसकी पूर्णता विवाद के विषय बने हुए हैं।

उसी डेवलपर ने कहा कि इसका असर कई चर्चित प्रोटोकॉल में तैनाती और संचालन तक पहुंच सकता है, न कि केवल कम जाने-पहचाने या शायद ही इस्तेमाल किए जाने वाले कोड तक सीमित रहेगा। उनकी आलोचना प्रस्तावित रीप्राइसिंग और उसके प्रभाव का आकलन किए जाने के तरीके—दोनों पर केंद्रित है। दिए गए विवरण में प्रोटोकॉल के नाम नहीं हैं और न ही दावे के दायरे की स्वतंत्र पुष्टि की गई है। इसलिए यह चेतावनी जोखिम की व्यापकता तय करने के बजाय हर मामले के साक्ष्यों की जांच करने की आवश्यकता पर ज़ोर देती है।

एक अन्य डेवलपर ने कहा कि उनकी टीम ने Glamsterdam के Sepolia टेस्टनेट पर लाइव होने से पहले ही इन समस्याओं की पहचान कर ली थी, और यह सुरक्षा फर्म द्वारा बाद में उन्हें चिह्नित किए जाने से भी पहले की बात थी। यह दावा सवाल उठाता है कि संबंधित चिंताओं का पता कब चला और समीक्षा में उन्हें किस तरह शामिल किया गया। अपने आप में, इससे यह साबित नहीं होता कि टेस्टनेट ने सभी संभावित विफलताओं को उजागर कर दिया था, या प्रस्तावित बदलाव से किसी लाइव नेटवर्क पर पहले ही नुकसान हो चुका है।

समर्थक गति के पक्ष में दिए गए तर्क पर फिर से विचार कर रहे हैं

इसका विरोध डेवलपर्स और Ethereum के व्यापक तकनीकी समुदाय से जुड़े लोगों ने किया है। Curve Finance के संस्थापक ने चेतावनी दी कि इस अपग्रेड के कारण आपातकालीन हार्ड फोर्क करना पड़ सकता है, जिससे यह बदलाव वापस लिया जाएगा, जबकि एक अन्य DeFi डेवलपर ने इस प्रस्ताव को अनुचित बताया। Ethereum Foundation के एक बोर्ड सदस्य ने भी ऐसे फोर्क को आगे बढ़ाने पर आपत्ति जताई, जो उन मान्यताओं को तोड़ सकता है जिन्हें पहले अपरिवर्तनीय माना जाता था। उनकी टिप्पणियां गंभीर चिंता का संकेत देती हैं, न कि कोर डेवलपर्स के किसी अंतिम फैसले का।

इस बहस के बाद Ethereum समुदाय के एक प्रभावशाली सदस्य ने भी सार्वजनिक रूप से अपना रुख बदल लिया। उन्होंने पहले Glamsterdam को जल्द से जल्द सक्रिय करने की वकालत की थी। उनका तर्क था कि Ethereum नेटवर्क तक पहुँच की गारंटी देता है, न कि गैस की किसी खास कीमत की। कुछ ही घंटों बाद उन्होंने कहा कि अपग्रेड को इतनी तेज़ समय-सीमा पर आगे नहीं बढ़ना चाहिए और माना कि उनका पहले का रुख गलत था। उन्होंने इस मुद्दे को आम तौर पर समझे जाने से कहीं अधिक गंभीर बताया।

अपना रुख बदलने की वजह बताते हुए, उस समर्थक ने कहा कि समुदाय डिज़ाइन, उचित जाँच-पड़ताल और सार्वजनिक संवाद—तीनों में सामूहिक रूप से विफल रहा है। उन्होंने गैस इंट्रोस्पेक्शन को एक गंभीर मुद्दा बताया, जिस पर तुरंत ध्यान देने और कहीं अधिक दृश्यता की ज़रूरत है। इन टिप्पणियों से बहस का दायरा केवल रीप्राइसिंग की तकनीकी प्रक्रिया तक सीमित नहीं रहता: डेवलपर्स से यह भी बताने को कहा जा रहा है कि जोखिमों का आकलन कैसे किया गया, निष्कर्ष किस तरह साझा किए गए और क्या प्रभावित परियोजनाओं को जवाब देने का सार्थक अवसर मिला।

अपग्रेड की समय-सीमा और अनुत्तरित सवाल

Glamsterdam को लेकर मौजूदा विवाद से पहले भी एक बार देरी हो चुकी है। अक्टूबर में, सुरक्षा शोधकर्ताओं द्वारा जोखिमों की ओर ध्यान दिलाए जाने के बाद, कोर डेवलपर्स ने Hoodi टेस्टनेट पर Glamsterdam का परीक्षण टाल दिया था। Glamsterdam उन दो बड़े Ethereum अपग्रेड में से एक है जिन्हें डेवलपर्स ने 2026 के लिए तय किया था। पहले हुई देरी दिखाती है कि समीक्षा से जुड़ी चिंताओं ने परीक्षण को पहले भी प्रभावित किया है, लेकिन उपलब्ध जानकारी यह नहीं बताती कि Hoodi पर मिले निष्कर्षों का मौजूदा EIP-8037 आपत्तियों से क्या संबंध है या उसके बाद क्या बदलाव किए गए।

अब कोर डेवलपर्स पर दबाव है कि Glamsterdam के मेननेट तक पहुँचने से पहले वे अधिक डेटा प्रकाशित करें। व्यावहारिक सवाल यह है कि क्या आगे के परीक्षण और विश्लेषण से यह पता लगाया जा सकता है कि बदली जा रही गैस संबंधी मान्यताओं पर कौन-से कॉन्ट्रैक्ट निर्भर हैं, और जिन कॉन्ट्रैक्ट को पैच नहीं किया जा सकता, उनके लिए क्या उपाय उपलब्ध हैं। स्रोत में कोई अंतिम समय-सीमा, संशोधित प्रस्ताव या कोर डेवलपर्स का निर्णय नहीं दिया गया है। इसलिए यह अभी स्पष्ट नहीं है कि अतिरिक्त समीक्षा के बाद अपग्रेड में देरी होगी, उसमें बदलाव किया जाएगा या उसे आगे बढ़ाया जाएगा।

यह विवाद Ethereum से जुड़े अन्य घटनाक्रमों के साथ सामने आ रहा है, हालांकि स्रोत इनके बीच कोई कारणात्मक संबंध नहीं जोड़ता। Ethereum के एक्सचेंज-ट्रेडेड फंडों में लॉन्च के बाद से प्रवाह का सबसे खराब महीना दर्ज हुआ, जबकि सह-संस्थापक Vitalik Buterin ने इसके बाद होने वाले Hegota अपग्रेड को Ethereum का आखिरी “सामान्य” फोर्क बताया है। ये बातें अपग्रेड के व्यस्त दौर का संदर्भ देती हैं, लेकिन Glamsterdam से जुड़े तकनीकी सवालों के जवाब नहीं देतीं। फिलहाल, सबसे बड़ी अनिश्चितता यह है कि क्या मौजूदा कॉन्ट्रैक्ट्स को बाधित किए बिना इसके गैस-संबंधी बदलाव लागू किए जा सकते हैं।

स्रोत: BeInCrypto