
मुख्य बिंदु
- फेडरल रिज़र्व और OCC के पर्यवेक्षकों ने सोमवार को बैंकों से संपर्क कर असामान्य गतिविधि या सेवाओं में बाधा के बारे में पूछा।
- Binance द्वारा पांच महीने तक चले सोशल-इंजीनियरिंग अभियान का खुलासा किए जाने के बाद बैंक सिस्टम की जांच कर रहे हैं और साइबर सुरक्षा की समीक्षा कर रहे हैं।
- किसी भी नियामक ने हैकिंग से जुड़ा नया दिशानिर्देश सार्वजनिक रूप से घोषित नहीं किया है।
नियामक जांच रहे हैं कि क्या बैंकों की सेवाएं बाधित हुईं
फेडरल रिज़र्व और मुद्रा नियंत्रक कार्यालय (OCC) के पर्यवेक्षकों ने सोमवार सुबह अमेरिकी बैंकों से संपर्क करना शुरू किया और पूछा कि क्या उन्होंने असामान्य गतिविधि का पता लगाया था या उनकी सेवाओं में कोई बाधा आई थी। मामले से परिचित लोगों का हवाला देते हुए रॉयटर्स ने इस संपर्क की खबर दी। यह पूछताछ पिछले सप्ताह Binance पर कथित 6.3 अरब डॉलर की हैकिंग के बाद हुई और इससे संकेत मिलता है कि पर्यवेक्षक यह पता लगाना चाहते थे कि क्या इस घटना के एक्सचेंज से परे भी कोई परिचालन संबंधी असर दिखाई दिया था।
रॉयटर्स द्वारा उद्धृत एक सूत्र के अनुसार, नियामकों से संपर्क पाने वाले एक बैंक ने बताया कि उसकी सेवाओं में कोई बाधा नहीं आई। उस संस्थान के कर्मचारियों ने ग्राहकों के घटना के बारे में पूछने की स्थिति में जवाब देने के लिए मुख्य बातें तैयार कीं, लेकिन बहुत कम पूछताछ हुई। यह विवरण ग्राहकों की प्रतिक्रिया की सीमित झलक देता है और इससे यह पता नहीं चलता कि अन्य बैंकों की स्थिति कैसी रही। नियामकों के सवाल असामान्य गतिविधि और सेवाओं की निरंतरता पर केंद्रित थे; उन्होंने सार्वजनिक रूप से यह निष्कर्ष घोषित नहीं किया था कि बैंकों से सेंधमारी हुई थी।
इस संपर्क से संकेत मिलता है कि पर्यवेक्षक एक बड़े क्रिप्टो-प्लेटफ़ॉर्म उल्लंघन को शामिल एक्सचेंज के साथ-साथ पारंपरिक वित्त के लिए भी संभावित चिंता मान रहे हैं। रिपोर्ट के अनुसार, यह अंतर महत्वपूर्ण है, क्योंकि बैंक और क्रिप्टो कंपनियाँ पहले से अधिक निकटता से जुड़ गई हैं। बैंकों से संपर्क संभावित जोखिम की जाँच के लिए किया गया था; स्रोत सामग्री यह नहीं कहती कि नियामकों को बाइनेंस की चोरी और किसी अमेरिकी बैंक प्रणाली के बीच कोई संबंध मिला, या बैंक सेवाएँ प्रभावित हुईं।
लंबे समय से चल रहा हमला साइबर सुरक्षा से जुड़े व्यापक सवाल खड़े करता है
बैंक भी अपनी पहल पर हमले की जाँच कर रहे हैं। इन प्रयासों से परिचित दो लोगों ने रॉयटर्स को बताया कि संस्थान यह आकलन करने के लिए डायग्नोस्टिक्स चला रहे थे कि क्या उनके सिस्टम ऐसी ही तरकीबों का सामना कर सकते हैं। रिपोर्ट किया गया काम सुरक्षा उपायों की समीक्षा है, इस बात का प्रमाण नहीं कि उन्हीं तरीकों से उन बैंकों पर हमला किया गया। विवरण में सभी भाग लेने वाले संस्थानों के नाम नहीं बताए गए हैं और न ही यह बताया गया है कि डायग्नोस्टिक्स में क्या सामने आया, इसलिए व्यापक जाँच के नतीजे स्पष्ट नहीं हैं।
रिपोर्ट के अनुसार, उल्लंघन के कुछ ही घंटों के भीतर अमेरिका के सबसे बड़े बैंकों में से एक की साइबर सुरक्षा टीम ने बाइनेंस के समकक्षों से संपर्क किया। बैंक की टीम एक आंतरिक रिपोर्ट तैयार कर रही है, जिसके बाद उसके सिस्टम की समीक्षा होगी और साइबर सुरक्षा से जुड़े अपडेट किए जा सकते हैं। यह स्पष्ट नहीं था कि बैंक बाइनेंस द्वारा बताए गए तरीकों के प्रति संवेदनशील था या नहीं। घटनाक्रम से तेज़ तकनीकी प्रतिक्रिया का पता चलता है, जबकि अंतिम आकलन और कोई भी बदलाव अभी लंबित हैं।
प्रतिक्रिया से परिचित एक व्यक्ति ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता के मॉडल के तेज़ी से विकसित होने को प्रमुख चिंता बताया और कहा कि इससे बैंकों के लिए हैकरों के साथ कदम मिलाकर चलना मुश्किल हो सकता है। रिपोर्ट के अनुसार, बैंक साइबर सुरक्षा कोड की समीक्षा और उसमें सुधार के लिए पर्याप्त संसाधन लगा रहे हैं। इस बीच, बाइनेंस ने कहा कि उसे बैंकों और नियामकों के बीच हुई बातचीत की जानकारी नहीं थी और न ही यह पता था कि उसके उल्लंघन से अमेरिकी बैंक प्रभावित हुए थे या नहीं। कंपनी के एक प्रवक्ता ने कहा कि वह दुनिया भर के नियामकों को जानकारी देती रही है।
बैंकिंग और क्रिप्टो के बढ़ते संबंधों से निगरानी कड़ी हुई
Binance ने एक ऐसे हमले का ज़िक्र किया, जिसकी शुरुआत नौकरी के एक फ़र्ज़ी इंटरव्यू से हुई और कोई भी कॉइन हिलाए जाने से पहले यह पाँच महीने तक जारी रहा। बताया जाता है कि इस अभियान में दूषित सॉफ़्टवेयर डाउनलोड, भर्ती की सुनियोजित प्रक्रिया, एंडपॉइंट डिटेक्शन से बच निकलने वाला मैलवेयर और कंपनी के वॉलेट इंजीनियरों के ख़िलाफ़ इस्तेमाल किया गया एक आंतरिक AI टूल शामिल था। ये जानकारियाँ किसी एकाएक हुई घुसपैठ के बजाय लोगों और तकनीक को शामिल करने वाले एक लंबे प्रयास की ओर इशारा करती हैं। स्रोत में इंटरव्यू के निशाने पर रहे व्यक्ति की पहचान नहीं बताई गई है।
इस खाते के अनुसार, 29 अक्टूबर को कई ब्लॉकचेन पर Binance के हॉट वॉलेट से धनराशि बाहर जाने लगी। क्रॉस-चेन गतिविधि उन कारणों में से एक है, जिनकी वजह से इस घटना ने किसी एक वॉलेट या नेटवर्क से परे ध्यान आकर्षित किया। हालांकि, दी गई जानकारी में यह नहीं बताया गया है कि प्रत्येक चेन पर कितनी राशि भेजी गई। ब्लॉकचेन विश्लेषण कंपनियों Chainalysis और TRM Labs ने इस हैक को उत्तर कोरिया से जुड़े एक समूह TraderTraitor से जोड़ा। रिपोर्ट इस आरोपण को कंपनियों का आकलन बताती है।
धनराशि की आवाजाही शुरू होने के चार दिन बाद Binance ने चरणबद्ध तरीके से निकासी फिर शुरू की, जिसकी शुरुआत बिटकॉइन से हुई। एक्सचेंज ने कहा कि उसने चोरी की गई परिसंपत्तियों में से लगभग $2.85 बिलियन को फ्रीज़ किया या बीच में ही रोक लिया और प्रभावित टोकनों में से 98% की भरपाई अपने धन से की। ये आंकड़े Binance की अपनी प्रतिक्रिया के विवरण हैं; रिपोर्ट परिसंपत्तियों का स्वतंत्र मिलान प्रस्तुत नहीं करती और न ही हर शेष टोकन की स्थिति स्पष्ट करती है। इसलिए पैमाने और रिकवरी से जुड़े दावों को शुरुआती चोरी की राशि से अलग समझना चाहिए।
समीक्षाएँ जारी रहने के बीच कोई नया दिशानिर्देश घोषित नहीं
Binance ने जिन तरीकों का ज़िक्र किया, वे केवल क्रिप्टो कारोबार तक सीमित नहीं हैं। सोशल इंजीनियरिंग, दुर्भावनापूर्ण डाउनलोड और आंतरिक टूल से छेड़छाड़ बड़े वित्तीय संस्थानों के लिए भी जोखिम हैं। इससे यह समझने में मदद मिलती है कि बैंक की साइबर सुरक्षा टीमों ने कथित तौर पर कुछ ही घंटों में प्रतिक्रिया क्यों दी। ऋणदाताओं के लिए व्यावहारिक चिंता यह है कि क्या हमले का ऐसा जाना-पहचाना तरीका उनके अपने सिस्टम या कर्मचारियों को निशाना बना सकता है। स्रोत समीक्षाओं और निदान का उल्लेख करता है, लेकिन यह स्थापित नहीं करता कि बैंकों ने उसी अभियान का सामना किया है।
कुछ क्रिप्टो गतिविधियों में अमेरिकी बैंकों के लिए भाग लेना आसान बनाने वाले बदलावों के बाद पर्यवेक्षी जाँचें हुई हैं। मार्च 2025 में, OCC ने राष्ट्रीय बैंकों के लिए क्रिप्टो कस्टडी और स्टेबलकॉइन गतिविधियाँ करने से पहले पर्यवेक्षी अनापत्ति प्राप्त करने की आवश्यकता वापस ले ली। अगले महीने, फेडरल रिज़र्व ने राज्य-सदस्य बैंकों के लिए क्रिप्टो गतिविधियाँ शुरू करने से पहले उसे सूचित करना अनिवार्य करने वाले दिशानिर्देश वापस ले लिए। ये कदम क्रिप्टो सुरक्षा-उल्लंघन की बढ़ती जाँच-पड़ताल की नियामकीय पृष्ठभूमि बनाते हैं।
जैसे-जैसे बैंक बिटकॉइन की कस्टडी करते हैं, स्टेबलकॉइन जारी करते हैं और एक्सचेंजों को सेवाएँ देते हैं, पर्यवेक्षकों के पास यह विचार करने का कारण हो सकता है कि क्रिप्टो फर्मों में हुई घटनाएँ बैंक परिचालनों से किस तरह जुड़ती हैं। रिपोर्ट में फ्रांसीसी ऋणदाता क्रेडिट म्यूचुअल आर्किया पर हुए एक अलग साइबर हमले का भी उल्लेख है: उसके अपने खाते से धोखाधड़ी वाले हस्तांतरण किए गए, जबकि बैंक ने कहा कि ग्राहक प्रभावित नहीं हुए। एक ऑनचेन अन्वेषक ने चोरी की रकम 133 मिलियन डॉलर से अधिक बताई, जिसकी बैंक ने पुष्टि नहीं की थी। न तो फेड और न ही OCC ने बाइनेंस से संबंधित नए दिशानिर्देशों की घोषणा की है, और अमेरिकी बैंकों की समीक्षा के नतीजे अभी अनिश्चित हैं।
स्रोत: BitcoinMagazine




